आपकी भोहों (आई ब्रो)की बनावट से जानें कैसा हे आपका स्वभाव और भविष्य

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प्रिय दर्शकों/पाठकों, समुद्रशास्त्र के अनुसार मनुष्य की आँखे ही नही बल्कि उनके भोहो को देखकर भी उनके कई राज जाने जा सकते है , भोह की बनावट भोह के बालो का रंग जोकि काफी उच्च बया करता है की किस व्यक्ति का स्वभाव और उसका चरित्र कैसा है ?उनकी आर्थिक स्थिति कैसी रहेगी | भौंहों की बनावट, भौंहों के बालों का रंग व्यक्ति के बारे में काफी कुछ बता देते हैं जैसे व्यक्ति का स्वभाव और चरित्र कैसा है, इनकी आर्थिक स्थिति कैसी रहेगी।

—-समुद्रशास्‍त्र के अनुसार समुद्रशास्त्र के अनुसार जिनकी भौहें ज्यादा मोटी होती हैं वह बहुत गुस्से वाले और चालाक होते हैं। इनमें धन के प्रति लोभ होता है। ऐसे व्यक्ति अहंकारी होते हैं।
—-वे लोग जिनकी आइब्रो छोटी और मजबूत होती है लेकिन कोने तक पहुंचते ही काफी पतली हो जाती है, काफी क्रोधी स्वभाव के होते हैं। इन लोगों में धैर्य बिल्कुल नहीं होता, जिसकी वजह से ये गलत निर्णय तक पहुंच जाते हैं। काफी मूडी स्वभाव के ये लोग अपना दिमाग सही जगह पर नहीं लगा पाते।
—–यदि भौंहे माथे के बीचो-बीच मिली हों तो ईर्ष्या शक, जिद्द करना, हठ करना तथा अक्खड़ स्वाभव आपका हो जाता है।
—-हल्के रंग की भौंहे यदि आंखों से ऊपर उठी हुई हो स्त्री जैसा स्वभाव पुरुष का होता है। वैचारिक शक्ति का होता है। चिंता भी नहीं करते हैं। जो होगा प्रभु कृपा से ही होगा। ऐसी प्रकृति हो जाती है।
—भौहो का रंग सिर के बालों की अपेक्षा हल्का हो तो जातक कंजूस स्भाव के होते हैं। अक्सर अस्वस्थ रहते हैं। यदि भौंहो का रंग सिर के बालों से गहरा होता है तो व्यक्ति चरित्रवाण, भावुक तथा उत्साही स्वभाव वाला, शीघ्र निर्णय लेने वाला दयालू होता है।
—-जिन लोगों की दोनों भौहें आपस में मिली होती हैं वह चतुर होते हैं। यह हर काम कुशलता से करते हैं। यह मेहनत और लगन से जीवन में धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहते हैं।
——स्कंद पुराण के अनुसार धनुषाकार और गहरे रंग के बालों वाली भौंहें ज‌िन मह‌िलाओं की होती है वह सुखी, धनवान और अच्छे स्वभाव की होती है।
—-जिसकी दोनों भौहों के बीच में जगह होती है वह साफ और स्पष्टवादी होते हैं। लेकिन इनके दांपत्य जीवन में छोटे-मोटे विवाद होते रहते हैं।
—-जिन व्यक्तियों की भौहें झुकी हुई और टेढ़ी-मेढ़ी होती हैं उन्हें जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
— समुद्रशास्‍त्र के अनुसार यदि आपकी आइब्रो के बाल बिल्कुल सेट और मजबूत हैं तो इसका अर्थ है कि भविष्य में आपको काफी सम्मान मिलने वाला है। लेकिन ऐसे लोग स्वभाव से बेहद जिद्दी होते हैं जिसका खामियाजा उन्हें अत्याधिक मेहनत करने के रूप में चुकाना पड़ता है।
— समुद्रशास्‍त्र के अनुसार जिस स्त्री की भौहें चन्द्र के समान हो और दोनों भौहें एक दूसरे से दूर हो वह स्त्री बहुत ही भाग्यशाली होती है। कहा जाता है कि इन्हें घर परिवार एवं समाज में मान-सम्मान मिलता है।
—-जिन लोगों की भौंहों में ज्यादा बाल नहीं होते वे शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूपों में काफी कमजोर साबित होते हैं। गहन चिंतन से घबराने वाले ये लोग मेहनत करने से भी कतराते हैं।
—-जिस व्यक्ति की भौंहों के बीच में काफी गैप होता है, साथ ही भौंहों की शेप सपाट है तो इसका अर्थ है व्यक्ति एकदम मुंहफट होगा। लेकिन ऐसे लोग काफी भावुक भी होते हैं जिसकी वजह से ये गलत निर्णय लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं। ये लोग बहुत जल्दी दूसरों की जालसाजी का शिकार हो जाते हैं।
—-अगर आपकी आइब्रो के बाल बिल्कुल सेट और मजबूत हैं तो इसका अर्थ है कि भविष्य में आपको काफी सम्मान मिलने वाला है। लेकिन ऐसे लोग स्वभाव से बेहद जिद्दी होते हैं जिसका खामियाजा उन्हें अत्याधिक मेहनत करने के रूप में चुकाना पड़ता है।
—-ज‌िनकी भौंहें ऊंची नीची होती हैं वह दुष्ट स्वभाव के होते हैं और इन्हें अक्सर आर्थ‌िक परेशान‌ियों का सामना करना पड़ता है |
तो आइये जानते हैं व्यक्ति की भौंहों से क्या पता चलता हैं–

आरंभ में खड़े बालों वाली भौंहे—

यदि भौंहो के अशुभ में बाल खड़ें हो व्यक्ति को अपने भाई-बहनों का सहयोग नहीं मिलता है. यदि भौंहों के बीच में थोड़ा स्थान खाली हो या बाल न हो तो अपने ही भाई बहनों से निराशा दु:खी तथा मन को ठेस लगने वाली कोई पारिवारिक परेशानी होती है.

आँखों के पास भौंहे—

यदि भौंहे आँखों के बिलकुल समीप से आरंभ हो अर्थात आँखों व भौंहों के बीच का फासला बहुत कम हो तो ऐसे लोग अशांत-बेसब्र व अस्थित स्वभाव के होते हैं. यदि अपना उद्देश्य प्राप्त न हो तब बेसब्र अधिक होते हैं. पतली भौंहों वाले व्यक्ति स्पष्टवादी व स्थिर चित्त के होते हैं. विषाद व दु:ख से दुखी ऐसे व्यक्ति निराशावादी भी होते हैं.

जुड़ी हुई भौंहे वाले व्यक्ति—

यदि दोनों भौंहे माथे के बीच में मिली हुई हो तो ऐसा व्यक्ति शीघ्र ही क्रोधित हो जाता है. मामूली सा व्यंग्य भी व्यक्ति को व्यथित कर देता है. काल्पनिक रोगों से व्यक्ति चिंतित हो जाता है. डिप्रेशन हो जाता है. अपना अपमान बिलकुल सहन नहीं करते हैं. घनी भौंहे अधिक क्रोधी स्वभाव वाला बनाती है. 35 वर्ष की आयु के बाद भाग्य साथ देता है.

छोटी भौंहे—

यदि छोटी भौंहे व्यक्ति की हो तो ऐसे व्यक्ति का स्वभाव तुनक मिजाज, शीघ्र आवेश वाला, तथा असंतोषी होता है. ऐसे लोग दूसरों की न तो मदद करते हैं और न तो सहायता ही करते हैं. ऐसे व्यक्ति स्वार्थी होते हैं. जरूरत पड़ने पर इनसे सहायता की उम्मीद करना व्यर्थ है.

पतली भौंहे—-

यदि किसी व्यक्ति की भौंहें पतली होती हैं तो जातक बहुत कम बोलता है. आलस्य घेरे रहता है. अव्यवहारिक होता है. कम बोलने के कारण दूसरों के साथ मिलना जुलना पसंद नहीं करता है. वैचारिक अभिव्यक्ति कम होती है.

ऊँची-नीची भौंहे—

यदि किसी व्यक्ति की भौंहे ऊँची-नीची हो तो जीवन में संघर्ष से सीखता हुआ आगे बढ़ता है. इच्छा शक्ति के कारण भावनाओं पर नियंत्रण कर लेता है. उतार-चढ़ाव वाले भावों से व्यथित न होकर जीने की कला सीखने लगता है. यद्यपि ऐसा व्यक्ति भावनाओं से आवेशित हो जाता है. सुख-दुख, लाभ-हानि व यश-अपयश से सीखता हुआ जीवन जीता है.

छल्लेदार भौंहे—-

छल्लेदार भौंहे वाले व्यक्ति अस्थिर चित्त वाले होते हैं. विचारों में परिपक्वता का अभाव होता है. रहन-सहन व्यवस्थित नहीं होता है. विचारों में भी अस्थिरता होता है. अक्सर ऐसे व्यक्तियों को स्नेह व प्रेम कम मिलता है. दूसरों से व्यवहार भी ठीक से नहीं करते हैं. यदि थोड़ी व आँखों की बनावट अच्छी न हो तथा अपरिपक्वता अधिक हो तो संघर्ष अधिक होता है. आयु में कमी भी पायी जाती है.

नीचे झुके बालों वाली भौंहे—-

यदि भौंहो के बाल झुककर आँखों पर आते हो तो, बुद्धि परिपक्व कम होती है. अपने परिवार वालों व मित्रों के साथ संबंध अच्छे नहीं होते हैं. जीवन में निराशा, दु:ख व अकेलापन पीड़ा देता है. भौंहे यदि सघन व काली हो तो 35 वर्ष की आयु के बाद भाग्य साथ देता है. राजनीति व सेना में काम करने वाले व्यक्ति इस समय विशेष लाभ प्राप्त करते हैं.

जड़े दिखनी वाली भौंहे—

यदि व्यक्ति की भौंहे के बालों की जड़ें दिखाई देती हों तो ऐसी व्यक्ति हिंसक, लड़ने वाले तथा आक्रमक प्रवृति के होते हैं. प्रत्येक परिस्थिति का सामना करने की हिम्मत होती है. वाद-विवाद होने पर आवेशित हो जाते हैं. गाली-गलौज और लड़ना ऐसे जातकों के लिए मामूली बात है.

आदर्श भौंहे—

आरंभ से गोलाकार ऊपर उठी हुई, मध्य भाग में गोलाई लिये आखिर में पतली लंबी आंखों के बाद तक नीचे झुकी हुई भौंहे आदर्श शुभ होती है.
आँखों से लंबी, घनी, गहरा रंग तथा माथे में बिंदी वाले, स्थान पर मिली हुई न हो तो यह शुभ भौंहे ज्ञानवान, विचारशील, कार्य कुशलता, सुखी, सौभाग्यशाली, भोगी तथा सफल जीवन देती हैं.

झाडू के समान भौंहे—

यह भौंहे भी दो प्रकार की होती हैं पहली भौंहे आरंभ में पतली हो आखिर में बिखर जायें तथा दूसरी वे भौंहे जो आरंभ में घनी व बिखरी हो आखिर में पतली व व्यवस्थित हो जायें. यह दोनों प्रकार की भौंहों वाले लोग योजना बना भी ले तो उसे पूरा नहीं कर पाते हैं.

जिनकी भौंहे अंत में बिखर जायें वो शुरू का काम तो ठीक करते हैं अंत में ढीले पड़ जाते हैं. 30 से 40 वर्ष का आयु भाग अशुभ व संघर्षमय होता है. आर्थिक हानि होती है. शारीरिक चोट एक्सीडेंट या आपरेशन आदि घटनायें कष्टदायी होती है. यदि भौंहे आरंभ में घनी हो तो काम आवेश, क्रोध में खराब कर बैठते हैं. यदि ये भौंहे काली व सघन हो तो पुलिस या सेना में नाम कमाता है. यदि मुख पर नासिका, ठोढ़ी आदि शुभ लक्षण हो तो राजनीति व सेना में जातक नाम कमाता है.

ऊबड़–खाबड़ भौंहे—

यदि भौंहो में बाल ऊबड़|खाबड़ हो, कोई बाल ऊपर हों, कोई नीचे हो या झाडूं की सीकों की तरह बिखरा सा हो, भौंहे घनी व काली हो तो ऐसे व्यक्ति अशिष्ट, भावावेशी, भ्रमित स्वभाव वाले चंचल होते हैं. ये व्यक्ति शारीरिक दृष्टि से शक्तिशाली होते है. इनके जीवन के 31 से 34 वर्ष का समय अशुभ व दु:खी होता है.

त्रिकोण भौंहे—-

यदि भोंहे घनी त्रिकोणाकार दिखाई देती हो तो ऐसे व्यक्ति साहसी होते हैं. हालांकि स्वार्थी भी होते हैं. मसीबत व परेशानी की हालत में घबराते नहीं है. इनकी वैचारिक शक्ति निर्बल होती है. परंतु यदि भौंहों के दोनों छोर नीचे की ओर नुकीलेहो जो जातक में शीघ्र निर्णय लेने की योग्यता होती है.

गोलाकार (कमानीदार) भौंहे—

यदि भौंहे पतली व गोलाकार हो. ये भौंहे स्त्रियों में विशेष रूप से पायी जाती है. कामकला व भावावेश इन स्त्रियों में अत्यधिक होता है. ऐसी भौहें वाले पुरुष भी अति कामुक होते हैं. उन्हे काम वासना के अतिरिक्त और कुछ सूक्ष्मता ही नहीं. अक्सर ऐसे स्त्री|पुरुषों को हिस्टीरियों के दौरे पड़ते हैं.

कटार जैसी भौंहे—

कटार जैसी आकृति वाली भौहे वाले जातक क्रूर हिंसक, कठोर दिल के तथा धूर्त व कपटी होते हैं. शीघ्र निर्णय लेने वाले होते हैं. क्रूरता व दृढ़ स्वभाव तथा धार्मिक कट्टरता मिलकर धर्म के नाम से हिंसा व आतंक फैलाते हैं.

ऊपर उठती संतुलित भौंहे—

ऊपर की ओर उठती भौंहे वाले जातक स्फूर्तिवान व क्रियाशील होते हैं. उनके विचार उन्नति की ओर प्रगतिवादी होते हैं. महत्वाकांक्षी व दूरदर्शी होते हैं. परहित करने में सुखी रहते हैं. यदि यह भौंहे अधिक लंबी हो तो अपने मिशन में कामयाबी हासिल करते हैं. नये विचारों का स्वागत करते हुए आगे बढ़ते हैं.

पंख जैसी भौंहे—

ऊपर से घनी परंतु नीचे की ओर पतली व झुकी हुई पंख के आकार की भौंहे वाले जातक प्राय: या तो चतुर, चालाक, बेईमान या धोखेबाज होते हैं. या सत्संग या गुरु कृपा से मन साफ होने पर परोपकारी होते हैं. अच्छे स्वाभव के होने की योग्यता होती है. मालिक बनने की योग्यता का अभाव होता है. ऐसी भौंहे वाले व्यक्तियों की ठोडी यदि गोलाई लिये हो तो मालिक भी बन सकते हैं. 31 से 34 वर्ष के बीच का समय अशुभ रहता है.

बीच में झुकी भौंहे—-

यदि भौंहे बीच में झुकी हुई हो तथा अंत पुन: ठीक हो जाये तो पुरुष चरित्रहीन हो सकते हैं. विवाह के पश्चात् भी अन्य स्त्रियों से संबंध हो जाते हैं. चारित्रिक शिथिलता, कामुकता तथा वासना अपयशदायी होती है.

ऊँच व नीच भौंहे—

यदि भौंहे ऊँची व नीची झुकी हो तो जातक के जीवन में उतार-चढ़ाव खूब होता है. वाराहिमिहिर कहते है कि ऐसा जातक संघर्ष बहुत करता है. दरिद्रता पीछा नहीं छोड़ती है. कभी बहुत प्राप्ति होती है और कभी दरिद्रता अभिशाप की तरह तंग करती है.

भौहों का मिलना—

जिन लोगों की दोनों भौहें आपस में मिली होती हैं वह चतुर और संयमी होते हैं।जीवनसाथी के साथ इनके संबंध मपूर्ण होते हैं। यह हर काम कुशलता पूर्वक करने की कोशिश करते हैं। मेहनत से जीवन में धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहते हैं

कलात्मक भौहें—

जिनकी भौहों का आकार धनुष के समान होता है अर्थात दोनों ओर झुकी हुई और बीच में उठी हुई उन्हें कलात्मक भौंह कहते हैं। ऐसे व्यक्ति कलात्मक विषयों में अधिक रूचि रखते हैं। जीवन में आदर्शें को काफी महत्व देते हैं। यह किसी कला के जानकार भी हो सकते हैं। आर्थिक उन्नति के लिए यह सदैव प्रयासरत रहते हैं।

हल्की भौहें—

जिनकी भौहें हल्की होती हैं उनमें संतोष की भावना रहती है। यह अपने आदर्श और सिद्धांतों पर कायम रह जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। आर्थिक मामलों में भी यह भाग्यशाली होते हैं। ऐसे लोग समझदार और ज्ञानी भी होते हैं।

मोटी भौहें—-

इस तरह की भौहों वालों पर अधिक विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसे लोग अहंकारी होते हैं और इनमें धन के प्रति अधिक लालसा रहती है। ऐसे लोगों को गुस्सा भी अधिक आता है और चालाक भी होते हैं। यह किसी भी तरह अधिक से अधिक धन अर्जन करने में विश्वास रखते हैं।

लंबी भौहें—

लंबी भौहें हों और कान के आस-पास पहुंचने लगे तो यह दर्शाता है कि व्यक्ति कंजूस है।इनमें व्यवहारिकता की कमी होती है। ऐसे लोग सामान्य जीवन जीते हैं। ऐसे लोग का मन अस्थिर रहता है पढ़ने-लिखने में इनकी रूचि कम होती है।

भौहों के बीच खाली स्थान—

भौहों के बीच में खाली स्थान होना दर्शाता है कि व्यक्ति स्पष्टवादी है। इन्हें जो कुछ बोलना होता है समाने बोल देते हैं। इनके दांपत्य जीवन में छोटे-मोटे विवाद होते रहते हैं। ऐसे लोग अपने सिद्घांतों को अधिक महत्व देते हैं। जरूरत के समय लोगों की मदद करते हैं।

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