जानिए चेहरे की बनावट से व्यक्ति का स्वभाव

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चेहरे के खास अंग जैसे नाक, सिर, आंखें, पलक, कान, भौंहें आदि। इन अंगों की बनावट और स्थिति जैसी होती है व्यक्ति का स्वभाव भी वैसा ही होता है।
कहा गया है कि चेहरा व्यक्ति के दिमाग का आईना होता है। आप किसी के चेहरे से उसके व्यक्तित्व और स्वभाव के बारे में जान सकते हैं। इसके महत्व का आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि जब आप किसी से पहली बार मिलते हैं तो आप उसके चेहरे को देखकर ही उसे पसंद या नापसंद करने लग जाते हैं। आपका चेहरा आपके व्यक्ति की छुपी हुई सच्चाई बता सकता है। हम अमूमन किसी के चेहरे को देखकर यह कहते हैं कि वह निर्दोष है, वह तेज दिमाग का है, वह बुद्धिमान है । अधिकतर मामलों में यह सही भी होता है लेकिन इसके अलावा व्यक्ति के कार्य हैं जो व्यक्तित्व को दर्शाते हैं। फिर भी आपके चेहरे के हाव-भाव को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है जो कि आपके बारे में बहुत कुछ कहता है। चेहरे के आकार और व्यक्तित्व में गहरा संबंध है।
माथे की रूपरेखा —
माथे का सबसे ऊपरी हिस्सा यानी हेयरलाइन पूर्वजों के प्रति व्यक्ति की आस्था बताता है। हेयरलाइन बताती है कि व्यक्ति अपने पूर्वजों के काम को आगे बढ़ाने में विश्वास रखता है और उनकी शिक्षा-दीक्षा का सम्मान करता है।
हेयर लाइन के बाद आने वाला टॉप फोरहेड यानी ऊपरी माथा यह बताता है कि व्यक्ति कितनी यात्राएं करेगा। यदि रेखाएं सीधी हैं, टूटी-फूटी नहीं हैं, तो जीवन में इन यात्राओं के सार्थक परिणाम मिलते हैं। इसके विपरीत यदि रेखाएं टूटी-फूटी हैं, तो सही परिणाम नहीं मिलते। व्यक्ति को शारीरिक हानि भी उठानी पड़ सकती है।
सेंट्रल फोरहेड से करियर के बारे में पता चलता है। यह यदि स्पष्ट है और वहां पर आयु के अनुरूप सीधी रेखाएं हैं, तो व्यक्ति करियर के प्रति बहुत ज्यादा उत्साही होता है। करियर को जीवन में सर्वाधिक महत्व देता है। यदि माथा अंदर की ओर धंसा हुआ है, तो व्यक्ति करियर के प्रति उदासीन होता है।
चेहरे या मुखाकृति के बारे में ज्योतिष शास्त्र में कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं।ज्योतिष में शरीर के लक्षणों के देखकर व्यक्तित्व और भविष्य बताने की विधि को सामुद्रिक विद्या कहते हैं। ये ज्योतिष का अभिन्न अंग है। सामुद्रिक विद्या के अनुसार मनुष्य के सिर से लेकर पैर तक हर अंग के अपने कुछ लक्षण होते हैं, उसकी बनावट, आकार और रंग हमारे व्यक्तित्व के रहस्यों पर तो रोशनी डालते ही हैं, साथ ही भविष्य भी बताते हैं। किसी भी व्यक्ति के चेहरे को देखकर ये आसानी से बताया जा सकता है कि वो व्यवहार, आचार-विचार और कार्यक्षेत्र में कैसा है।
हर व्यक्ति का चेहरा दूसरे व्यक्ति से अलग होता है कुछ का अंडाकार, तिकोना, चौकोर या तो कई लोगों का गोल होता है। व्यक्ति की किस्मत का पता हाथों की लकिरों के अलावा उसके चेहरे से भी लगाया जा सकता है। आप कितने भाग्यशाली है, किस क्षेत्र में तरक्की करेंगे, आपके प्रेम संबध कैसे रहेंगे और आप किन लोगों की संगत में रहेंगे इन सब का पता भी चेहरे के आकार से लग जाता है। चेहरा आपकी किस्मत से जुड़ी बहुत सी ऐसी बातें भी बता सकता है जो शायद कोई और न बता पाए। आइए जानते हैं चेहरे के आकार के हिसाब से लोगों के भाग्य का कैसे पता लगा सकते हैं।
1. अंडाकार चेहरा —
अंडाकार चेहरे वाले लोग किसी भी हालात में खुद को बड़ी आसानी से ढाल लेते हैं। इनको गुस्सा बहुत जल्दी आता है। इन चेहरे वाले लोग आकर्षक होने के साथ ही स्वभाव से जिद्दी होते हैं। अंडाकार आकार चेहरे वाले लोग अगर फिल्म या मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ते हैं तो जीवन में बहुत तरक्की करते हैं।
2. लंबे पतले चेहरा —
इस तरह के लोग शारीरिक रूप से काफी फिट होते है। हर मुश्किल से मुश्किल स्थिति में भी खुद को मजबूत रखते हैं। हर परिस्थिति का सामना डट कर करते हैं। जिद्दी स्वभाव के होने के कारण शादी के बाद इनके जीवन में बहुत-सी दिक्कतें आती है।
3. तिकोने चेहरा —
तिकोने चेहरे वाले लोग बहुत क्रिएटिव होते हैं। यह हर काम को क्रिएटिव और अलग ढ़ग से करना पसंद करते है। इनको किसी भी काम मे की दखलअंदाजी बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती। एेसे लोग आर्ट फिल्ड में कामयाब होते हैं।
4. चौकोर चेहरा —
एेसे लोग किस्मत के धनी होते है थोड़ी सी मेहनत करने पर इनको सब कुछ आसानी से मिल जाता है। दूसरों से अपना काम कैसे निकलवाना है चौकोर चेहरे वाली महिलाएं इस बात को अच्छे से जानती है। इंटेलिजेंट होने के साथ ही इनमें लीडरशिप क्वालटी भी होती है।
5. गोल चेहरा–
गोल चेहरे वाले लोग देखने में बहुत सुंदर होते हैं। गुड लुकिंग होने के साथ ही एेसे लोग किस्मत के मामले में भी लक्की होते हैं। करियर हो या शादी हर तरफ इनको सब कुछ बेस्ट ही मिलता है। अगर बात इनके स्वभाव की करें तो यह इमोशनल होते हैं।
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पुरुषों के मुख से जुड़ी रोचक बातें —
चन्द्रमा की रोशनी की तरह चमकदार और शांत चेहरे वाला भला और धर्मात्मा पुरुष होता है।
वानर या बकरें जैसे मुख वाला पुरुष धनवान होता है।
खूबसूरत और तेजयुक्त हाथी के मुख की तरह भरे चेहरे वाला राजा यानि राजसी स्वभाव का होता है।
सूंड के आकार जैसे लम्बे चेहरे वाला पुरुष बदकिस्मत होता है।
बदसूरत, टेढ़ा, टूटा और शेर की तरह चेहरा चोर व्यक्ति की पहचान है।
लंबा, छोटा और कुटील भाव से भरे मुख वाला पुरुष गरीब और पापी होता है।
औरत जैसा, चौकोर चेहरे वाला पुरुष पुत्रहीन होता है।
 जिसके गाल कमल जैसे लाल और चमकदार हो वह धनवान और किसान होता है।
हाथी, बाघ या शेर जैसे गालों वाला पुरुष सभी सुख और संपत्तियों का मालिक होता है।
मुख अर्थात् मुख्य एक शरीर में सर्वाधिक चेतनामय, ऊर्जामय, ज्ञानमय व प्रज्ञामय भाग व्यक्ति का मुख ही है। आंख, कान, नाक व मुख सहित मस्तिष्क के सभी ज्ञानमय व स्मृति केन्द्रों का संरक्षक (चेहरा) ही तो है। ब्रह्मा जी के चार मुख, शिवजी के पांच मुख, रावण के दस सिर (दसग्रीव) भगवान दत्तत्रेय के तीन मुख आदि मुख के विशिष्ट गुणों की व्याख्या करते हैं।
‘ब्राह्मणों मुखम आसीत्’ अर्थात् परमात्मा के मुख से ही ज्ञानवान, प्रज्ञामय संस्कारी ब्राह्मणों का आविर्भाव हुआ। अर्थात देखने की क्षमता, सुनने की पात्रता, श्वांस लेने की योग्यता व आहार करने की पवित्रता की प्राप्ति जिस मुख की मदद से मनुष्य करता है, वह (मुख) सर्वश्रेष्ठ अंग ब्रह्म तुल्य है। देखना अर्थात ‘दृष्टा’, सुनना अर्थात श्रोता, प्राणायाम अर्थात योग शिक्षा तथा आहार दक्षता यह सभी आध्यात्मिक गुण चेहरा अर्थात मुखमंडल देखकर ही आप जान सकते हैं।
‘मुखाकृति विज्ञान’ में महारथ हासिल कर आप निम्न बातों का पता आसानी से लगा सकते हैं।
1 बुद्धिमत्ता या मूर्खता
2 स्मरण शक्ति कमजोर या तेज
3 दयालुता या कठोरता
4 साहसी या दब्बू
5 दृढ़ निश्चयी या लचीला स्वभाव
6 देशप्रेमी या देशद्रोही
7 धनवान या निर्धन
8 सामाजिक या समाज विरोधी
9 स्वस्थ या बीमार
इन सभी गुणों व अवगुणों को आप चेहरे पर आंख, मस्तक, भौंहे, नाक, कान, पलकें, होंठ, जबड़ा, ठोड़ी आदि देखकर जान सकते हैं। प्रत्येक मनुष्य की मुखाकृति में आप यदि ध्यान से देंखे तो किसी न किसी की झलक आपको दिखाई देगी। किसी के चेहरे पर शेर जैसा प्रभाव दिखाई देता है, तो कोई वानर जैसे मुख वाला होता है। कोई भेड़, तोता, गिद्ध, भैंसा, लोमड़ी आदि अनेक स्वभाव व चेहरे जैसा रूप वाला होता है। संक्षेप में मुखाकृति विज्ञान के रहस्य आपके ज्ञानवर्धन के लिये निम्न प्रकार है।
मुख के तीन भाग–
मस्तक या ललाट–
भौंहों से नाक के अग्र भाग तक–
नाक के अग्र भाग से बेड़ी तक–
1. मस्तक या ललाट (पहला भाग)- इस भाग में भौंहों से ऊपर मस्तक या ललाट का भाग होता है। यह भाग यदि बड़ा हो या उन्नत हो तो व्यक्ति बुद्धिमान, तेज स्मृति वाला, नई बातों को सीखने वाला, काव्य व योग का ज्ञाता है। जीवन की समस्याओं का समाधान बौद्धिक बल से सोच-विचार कर लेते हैं।
2. भौंहों से नासिका तक (द्वितीय भाग)– भौंहों से नासिका के अग्र भाग तक यह भाग होता है। भौंहे, आंखें, नाक, कान व कनपटी आदि अंग इस भाग में आते हैं। नासिका व आंखों का सर्वाधिक महत्व होता है। यदि यह दोनों अंग विकसित, उन्नत व शुभ हो तो व्यक्ति स्वाभिमानी और भावेश को नियंत्रण में रखने की सामर्थ्य होती है। आर्थिक स्थिति, व्यापार या नौकरी में क्या शुभ है जाना जा सकता है। जातक कितना भाग्यवान है। जीवन में संघर्ष से जूझने की कितनी शक्ति है, नासिका व आंखों की बनावट से जाना जाता है।
जिनके प्रथम खंड से दूसरा खंड अधिक विकसित व लंबा होता है, वे हठी, दृढ़ निश्चय वाले, बाधाओं का डटकर सामना कर सफल होते हैं। यदि प्रथम खंड से दूसरा खंड छोटा हो त व्यक्ति पराजित होकर अवसाद में आने वाला, उचित निर्णय लेने में अशक्त होता है। कभी दोगला स्वभाव भी देखा जाता है। कभी शांत तो कभी उग्र रूप में दिखाते हैं।
3. नाक से ढोढ़ी तक (तीसार भाग)- 
नासिका के उग्रभाग से ढोड़ी तक का भाग इस खंड में आता है। इस भाग में मूंछों का स्थान, होंठ, कपोल, जबड़ा व ठुड्डी आदि भाग आते हैं। मुख का यह भाग 50 वर्ष की आयु के बाद जातक का जीवन कैसे चलेगा, यह जाना जा सकता है। वर्गाकर व गोलाई यदि दृढ़ता युक्त हो तो शुभ माने जाते हैं। यदि ठोड़ी पीछे की ओर हटी हुई हो या नुकीली हो तो वृद्धावस्था में स्वयं को परिस्थितियों के अनुकूल नहीं बना पाते हैं। आगे की ओर निकली हुई ठोड़ी व वर्गाकर ठोड़ी वाले जातक जिद्दी आत्मविश्वासी व तर्क युक्त तथा परिस्थितियों के अनुकूल जीने वाले होते हैं। जिनका यह भाग पहले भाग के बराबर या अधिक लंबा हो वे वृद्धावस्था में सुखी जीवन जीते हैं।
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