Daily Panchang 29th August 2018

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आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞
⛅ दिनांक 29 अगस्त 2018
⛅ दिन – बुधवार
⛅ विक्रम संवत – 2075 (गुजरात. 2074)
⛅ शक संवत -1940
⛅ अयन – दक्षिणायन
⛅ ऋतु – शरद
⛅ *मास – भाद्रपद
⛅ पक्ष – कृष्ण
⛅ तिथि – तृतीया रात्रि 09:38 तक तत्पश्चात चतुर्थी
⛅ नक्षत्र – उत्तर भाद्रपद शाम 06:48 तक तत्पश्चात रेवती
⛅ योग – शूल रात्रि 09:07 तक तत्पश्चात गण्ड
⛅ राहुकाल – दोपहर 12:27 से दोपहर 02:09 तक
⛅ सूर्योदय – 06:22
⛅ सूर्यास्त – 18:56
⛅ दिशाशूल – उत्तर दिशा में
⛅ व्रत पर्व विवरण – फूल काजली व्रत
💥 विशेष – तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 विघ्नों और मुसीबतें दूर करने के लिए 🌷
👉 30 अगस्त 2018 गुरुवार को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है ।
🙏🏻 शिव पुराण में आता है कि हर महिने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :
🌷 ॐ गं गणपते नमः ।
🌷 ॐ सोमाय नमः ।
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

‪🌷 चतुर्थी‬ तिथि विशेष 🌷
🙏🏻 चतुर्थी तिथि के स्वामी ‪भगवान गणेश‬जी हैं।
📆 हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।
🙏🏻 पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।
🙏🏻 शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥
➡ “ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷
🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |
👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं –
🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।
🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।
🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।
🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।

हिन्दू पंचांग संपादक ~ आचार्य अरूणा दाधीच जयपुर 9983974145
~ हिन्दू पंचांग

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