Daily Panchang for 4th September 2018

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~ आज का हिन्दू पंचांग ~ 🌞
⛅ दिनांक 04 सितम्बर 2018
⛅ दिन – मंगलवार
⛅ *विक्रम संवत – 2075
⛅ शक संवत -1940
⛅ अयन – दक्षिणायन
⛅ ऋतु – शरद
⛅ *मास – भाद्रपद
⛅ पक्ष – कृष्ण
⛅ तिथि – नवमी शाम 05:23 तक तत्पश्चात दशमी
⛅ नक्षत्र – मॄगशिरा शाम 06:53 तक तत्पश्चात आर्द्रा
⛅ योग – वज्र सुबह 11:44 तक तत्पश्चात सिद्धि
⛅ राहुकाल – शाम 03:31 से शाम 05:04 तक
⛅ सूर्योदय – 06:24
⛅ सूर्यास्त – 18:51
⛅ दिशाशूल – उत्तर दिशा में
⛅ व्रत पर्व विवरण – नंदमहोत्सव, मंगलागौरी पूजन, गोगा नवमी
💥 विशेष – नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
💥 चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)
💥 चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 व्यतिपात योग 🌷
🙏🏻 व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।
🙏🏻 वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।
🙏🏻 व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हुऐ नाराज हुऐ, उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नही दिया और सूर्यदेव को अपने गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नही थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसु बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।
💥 विशेष ~ व्यतिपात योग – 05 सितम्बर 2018 बुधवार को सुबह 08:48 से 06 सितम्बर, गुरुवार को प्रातः 05:32 तक व्यतिपात योग है।

🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

🌷 विविध रोगों में लाभदायी आसान प्रयोग
➡ १] अम्लपित्त (hyper-acidity) :
· १-१ चम्मच गुलकंद सुबह-शाम भोजन के पहले सेवन करें |
· १-१ चम्मच आँवला रस या चूर्ण सुबह-शाम भोजन के पहले लेना हितकारी है |
➡ २] हाथ-पैरों व पेशाब की जलन :
· सुबह खाली पेट १-१ चम्मच शतावरी चूर्ण दूध से लें |
· भोजन के पहले आधा चम्मच आँवला चूर्ण अथवा १-१ चम्मच आँवला रस दिन में २ बार सेवन करें |
➡ ३] नींद नहीं आना :
रात को सोते समय ३-४ चम्मच शंखपुष्पी सिरप व सुबह – शाम १-१ चम्मच गुलकंद का सेवन करना लाभदायी है |
➡ ४] भूख की कमी :
२-२ चम्मच घृतकुमारी रस (Aloe vera juice) सुबह – शाम खाली पेट लेना लाभदायी है |
➡ ५] सिरदर्द : देशी गाय के शुद्ध घी की २-२ बूँदे सुबह – शाम नाक में डालने से लाभ होता है |
➡ ६] खुजली, लाल चकत्ते व फुंसियाँ :
४-४ चम्मच नीम अर्क आधा कप पानी में मिला के सुबह – शाम खाली पेट लें |

📖 हिन्दू पंचांग संपादक ~ आचार्य अरूणा दाधीच जयपुर 9983974145
🌞 ~ हिन्दू पंचांग ~ 🌞

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