Deepawali pujan kab kare aur kaise

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  1. *दीवाली पर लक्ष्मी योग के साथ 7 अंको का संयोग*
    इस साल राशिचक्र 7 वी राशि तुला में 7 साल बाद 7 तारीख को तीन ग्रह सूर्य, शुक्र और चंद्र एक साथ मैजूद होकर लक्ष्मी योग बना रहे है। जो कि बहुत ही दुर्लभ योग है।
    अंकज्योतिष के अनुसार अंको का यह संयोग मूलांक 7 वालो के लिए बहुत शुभ होगा। जिन लोगो का जन्म 7 तारीख को हुआ है उनके लिए ये दीवाली बहुत ही शुभ है। तथा जिनकी तुला राशि है उनके गोचर में लक्ष्मी योग बन रहा है जो कि धनलाभ का सूचक है।
    *दीपावली मुहूर्त एवम् महत्व*
    दीपावली मुहूर्त पूजन साय 5 बजकर 20 मिनट से 8:20 तक
    व्यापारी वर्ग के लिए बही खाता पूजन साय 5:50 से 7:50 तक
    साधको के लिए महानिशीथ काल रात 11:15 से 12:30 तक
    दीपदान ही दीपावली पर्व है जो कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को ही पड़ता है।
    सूर्य तुला राशि मे स्वाति नक्षत्र में होता है, एवं चंद्र भी तुला राशि मे होता है। शुक्र भी स्वाति नक्षत्र में विचरण करता है। दीपावली पर स्वाति नक्षत्र सर्वश्रष्ठ मुहूर्त होता है। यह योग 7 नवम्बर बुधवार को विद्यमान रहेगा। तथा नक्षत्र स्वामी राहु एवम् राशि स्वामी शुक्र है जो सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त योग है। शुक्र अपनी राशि तुला में होने के कारण मालव्य योग बन रहा है जो विशेष सयोंग बना रहा है।
    ग्रंथो में दीपावली पर्व को त्रिरात्री पर्व भी बताया गया है। महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती इन त्रिगुणात्मिक्ता शक्तियों का पूजन क्रमवार धनतेरस, रूपचौदस व दीपावली में किया जाकर इन तीनो शक्तियों में अखंड दीपक जलाएं।
    ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा

Mob.no. 9302325222

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